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आचार्य सुमित तिवारी (वैदिक ज्योतिषाचार्य) लखनऊ के एक प्रख्यात ज्योतिषाचार्य हैं, जिन्हें 19+ वर्षों का अनुभव है। वे बहुत ही सरल, तार्किक और आसानी से अपनाए जा सकने वाले उपाय बताते हैं। उनके कई लेख विभिन्न न्यूज़ पोर्टल्स पर प्रकाशित हो चुके हैं।
उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से बी.कॉम, सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी, लखनऊ से वैदिक ज्योतिष में शास्त्री उपाधि और लखनऊ यूनिवर्सिटी से पद्मश्री प्रोफेसर बी.के. शुक्ला के मार्गदर्शन में एम.ए. ज्योतिर्विज्ञान (ज्योतिष) किया है। अपनी रीडिंग्स और प्रेडिक्शन्स के माध्यम से उन्होंने अनेक लोगों को जीवन की अड़चनों से उबरने में मदद की है।
यदि आपने उन्हें अपना ज्योतिष मार्गदर्शक चुना है, तो यह पहले ही आपके जीवन के सबसे अच्छे निर्णयों में से एक है। अपनी कुंडली के वैज्ञानिक और लॉजिकल विश्लेषण के लिए आचार्य जी से संपर्क करें।
बहुत कम उम्र से ही परिवार ने उनके भीतर आध्यात्मिकता और साधना की स्वाभाविक प्रवृत्ति को महसूस किया। कई ज्योतिषाचार्यों ने उनकी जन्मकुंडली का अध्ययन कर यह संकेत दिया कि इनका जीवनपथ आध्यात्मिक साधना और ज्योतिष से गहराई से जुड़ा रहेगा।
उन्हें अपने गुरु, महान संस्कृत विद्वान और कथा व्यास, परम पूज्य स्वामी महेशनन्द सरस्वती जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। स्वामी जी के सान्निध्य और मार्गदर्शन में उन्होंने अध्यात्म और साधना के मार्ग पर स्थिर कदम रखा।
समय के साथ उन्होंने उत्तर प्रदेश और देश के कई सम्मानित व्यक्तियों को ज्योतिषीय मार्गदर्शन, रत्न परामर्श और आध्यात्मिक साधना के जरिए सही दिशा दिखायी।
“विज्ञान गुरुत्वाकर्षण को मापता है, ज्योतिष उसके अर्थ को समझता है। दोनों एक ही ब्रह्मांडीय व्यवस्था से निकलते हैं। जो चुंबकीय तरंगें सागर की लहरों को हिलाती हैं, वही हमारे भीतर की सूक्ष्म ऊर्जा को भी स्पर्श करती हैं। सच्चा ज्योतिष केवल भविष्यवाणी नहीं, बल्कि अपने आप को ब्रह्मांडीय व्यवस्था के साथ जोड़ने, समझने और संतुलित करने की कला है।”